लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। लोकभवन में सुबह 11 बजे प्रस्तावित इस बैठक में ढाई दर्जन से अधिक मुद्दों पर विचार किया जाएगा। इनमें उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर देने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मुफ्त साड़ी उपलब्ध कराने तथा भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा परिवहन, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
दिवाली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को मिल सकता है मुफ्त सिलेंडर
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। अगर प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो त्योहार से पहले पात्र परिवारों को राहत मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मुफ्त साड़ी देने का प्रस्ताव
बैठक के एजेंडे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मुफ्त साड़ी देने का प्रस्ताव भी शामिल है। दिवाली से पहले इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश में काम करने वाली आंगनबाड़ी कर्मियों को लाभ मिल सकता है।
इसके अलावा भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर किए जाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है। इस फैसले को लेकर अंतिम स्थिति कैबिनेट बैठक के बाद स्पष्ट होगी।
यूपी में बनेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन
प्रदेश में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, मिशन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशेष सचिव स्तर का अधिकारी होगा।
इस मिशन के माध्यम से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से नए प्रयोगों और नवाचार को प्रोत्साहित करने की योजना है। इससे सरकारी कामकाज में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
18 शहरों में एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी
कैबिनेट बैठक में 18 शहरों में जीसीसी मॉडल के तहत वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम, 2026 को मंजूरी दिए जाने की संभावना है।
नगर निकायों में भवन विकास उपविधियों के आधार पर नक्शे पास करने और मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत कुछ अन्य विकास प्राधिकरणों को धनराशि जारी करने के प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं। इनमें मीरजापुर-विंध्याचल और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
मक्का, बाजरा, ज्वार और धान की खरीद नीति पर भी फैसला संभव
किसानों से जुड़ी योजनाओं के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्का, बाजरा, ज्वार और धान की खरीद नीति को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इस प्रस्ताव के जरिए खरीफ फसलों की सरकारी खरीद से संबंधित व्यवस्था तय की जाएगी।
इसके अलावा आयुष इंटर्न का भत्ता बढ़ाने और सरकारी खरीद में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप क्रय नीति से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। इस नीति के तहत सरकारी खरीद के लिए जीईएम पोर्टल के माध्यम से स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाने की योजना है।
कई विभागों के प्रस्तावों पर होगी चर्चा
कैबिनेट के एजेंडे में राज्य कर, गृह, राजस्व, चिकित्सा शिक्षा और लोक निर्माण विभाग समेत कई विभागों से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। बैठक में इन प्रस्तावों पर विचार के बाद सरकार की ओर से संबंधित फैसलों की जानकारी दी जा सकती है।
शिक्षक-कर्मियों के कैशलेस इलाज के लिए 162 करोड़ रुपये जारी
उत्तर प्रदेश में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 162 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज यानी साचीज को दी गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव लाल मणि यादव की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। इस धनराशि का उद्देश्य परिषदीय शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था जारी रखना है।
